isro upcoming mission

isro upcoming mission

isro upcoming mission isro दिन प्रति दिन दुनिया को अपने सफलता से पूरी दुनिया को चौंका रहा है पर आपको बता दू की isro ने ये कामयाबी बहुत मेहनत से पायी है।

ISRO भारत सरकार की अंतरिक्ष एजेंसी है जिसका मुख्यालय बेंगलुरु शहर में है। इसका दृष्टिकोण “अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान और ग्रहों की resarch का पीछा करते हुए राष्ट्रीय विकास के लिए अंतरिक्ष Technology का Exploitation करना है। भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति (INCOSPAR) की स्थापना जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में की गई थी 1962 में (DAE) के तहत वैज्ञानिक vikram sarabhai के आग्रह के साथ अंतरिक्ष अनुसंधान में आवश्यकता को पहचानते हुए। 1969 में INCOSPAR बड़ा हुआ और ISRO बन गया।  भारत का पहला उपग्रह Aryabhata satellite 19 april 1975 को सोवियत संघ द्वारा kosmos-3m launcher vahical का उपयोग करते हुए Kapustin yar Russia के मदत से launch किया गया था। और अब इसरो अपने काबिलियत से बड़े बड़े मिशन को किसीकी मदत लिए बिना पूरा कर रहा है।

अब आते है ISRO के अगले मिशन की बात करते है दोस्तों ये ब्लॉग मे आपको इसरो के अगले मिशन की important जानकारी मिल है।

Gaganyaan

 Gaganyaan (“Orbital Vehicle”) एक भारतीय अंतरिक्ष यान (ISRO और HAL  संयुक्त रूप से बनाया गया) है जो भारतीय मानव अंतरिक्ष यान कार्यक्रम का आधार है। अंतरिक्ष यान को तीन लोगों को ले जाने के लिए design किया जा रहा है,और एक schematic Advanced Edition को साज-सज्जा और docking क्षमता से लैस किया जाएगा।

इस HAL निर्मित चालक दल के module की 18 दिसंबर 2014 को अपनी पहली बिना चालक वाली technology उड़ान थी। चालक दल के वाहन को दिसंबर 2021 में ISRO के GSLV Mk III पर लॉन्च करने की योजना है। इससे पहले,इसे परीक्षण उड़ानों के लिए बिना चालक दल के लॉन्च किया जाएगा। Dec 2020 और july 2021 में तीन चालक दल के सदस्य सात दिनों तक space में रहेंगे।

Chandrayaan-3

ISRO चंद्रयान 2 के सफलता पूर्वक लांच के बाद इसरो का अगला चंद्रयान मिशन चंद्रयान 3 की प्लानिंग कर रहा है चंद्रयान -3 को Future के चंद्रमा की research के लिए 2024 में launch किया जाएगा। चंद्रमा की research isro को चंद्र सतह पर निवास स्थान स्थापित करने में मदद करेगा।

Aditya-L1

ISRO की योजना  2019-20 में सूर्य तक अपना एक मिशन पूरा करने की भी है इसरो जो सूर्य पर मिशन करेगा उसका नाम होगा आदित्य-1 ये मिशन सूर्य के कोरोना का रिसर्च करेगा आदित्य-1 का वजन करीब करीब 400kg  का होगा इस मिशन की योजना 2012 में बनायीं गयी थी लेकिन कुछ कारणों की वजह से इसे 2015-16 को स्तगित कर दिया इस मिशन का मुख्य कारण यही है कि CME(Coronal Mass Ejection)का रिसर्च करना है।

Nisar

Nisar Nasa-Isro Synthetic Aperture Radar (Nisar) NASA और ISRO के बीच एक joint project है जो remote sensing के लिए उपयोग की जाने वाली दोहरी आवृत्ति Synthetic Aperture Radar setlite को विकसित करने और launch करने के लिए है। यह पहला dual-band radar  इमेजिंग satellite होने के लिए उल्लेखनीय है।

Mangalyaan 2

 Mars Orbiter Mission 2 (MOM 2) जिसे Mangalyaan 2 भी कहा जाता है, 2021-2022 के समय सीमा में (ISRO) द्वारा मंगल ग्रह के launch के लिए भारत का दूसरा interplanetary mission है। इसमें एक orbiter होगा, और इसमें एक Lander और एक Rover शामिल हो सकता है। यह मिशन अभी लांच किये गए Chandrayaan 2 जैसा हो सकता है क्युकी की Chandrayaan 2 में भी एक ऑर्बिटर , एक लैंडर और एक रोवर था।

Shukrayaan-1

 Shukrayaan-1 इसरो शुक्र ग्रह पर भी अपना एक मिशन को छोड़ने का सोच रहा है भारतीय Venusian orbiter mission शुक्र के वायुमंडल का research करने के लिए  (ISRO) द्वारा Venus के लिए एक योजनाबद्ध परिक्रमा है। इसे 2020 के कुछ समय बाद launch किया जाएगा।

यही मिशन अगले कुछ साल में अलग अलग ग्रहों पर आपने देश का तिरंगा लहरायिंगे jay hind vande mataram

  Thank you


0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *